रील द्वारा भारत के विभिन्न राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी भवनों के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सौर मिशन के अनुरूप, कंपनी ने NDDB, RCDF के विभिन्न अधिकारियों की मौजूदगी में “RESCO मॉडल पर रूफटॉप सोलर पर स्टेकहोल्डर डेलीगेशन” पर दिनांक 10.01.2020 को रील के नव निर्मित कार्यालय “रील हाउस” के मानसरोवर स्थित ऑडिटोरियम मे एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन रील के प्रबंध निदेशक डॉ. ए.के. जैन, द्वारा दीप प्रज़्वलित कर किया गया। इस अवसर पर रील के उच्च अधिकारियों एवं रील के Stake Holders ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी निभाई तथा कार्यक्रम में आये प्रतिभागियों द्वारा विस्तृत से “रूप ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर” और “कुसुम योजना” पर चर्चा की गई।
डॉ. ए.के. जैन ने बताया कि रील को विशेषज्ञ CPSE के तौर पर भारत सरकार द्वारा मान्यता दी गई है। डॉ. जैन ने बताया कि 40 GW ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर को प्राप्त करने के लिए ई-मोबिलिटी, स्टोरेज आदि के एकीकरण के साथ सौर ऊर्जा को स्थायी बनाने पर अपने विचार साझा किए और उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सौर उत्पादकों की विश्वसनीयता के महत्व पर ध्यान ध्यान देने पर ज़ोर दिया। इन “ग्रिड कन्नेक्टेड सोलर रूफटॉप” सिस्टम्स के सफलतापूर्वक इंस्टॉलेशन, ऑपरेशन एंड मेनटेनेंस के लिए प्रशिक्षित मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होने बताया कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र मे असीम सम्भावनायें है।
इस अवसर पर रील के अधिषाशी निदेशक (परियोजना) श्री पीयूष पालीवाल ने बताया की, रील ने Expert CPSE के तहत कार्य करते हुए MNRE की “Achievement Linked Incentive Scheme” मे 10 मंत्रालयों के कार्यलयों की छतों पर लगभग 32 MW के “ग्रिड कन्नेक्टेड सोलर रूफटॉप” की स्थापना की है। इस कार्यशाला में रील के महाप्रबन्धक (अक्षय ऊर्जा) द्वारा एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से “कुसुम योजना” का विवरण भी साझा किया गया। कार्यशाला मे सम्मिलित लगभग 40 प्रतिभागियों ने इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से हितधारकों के बीच ग्रिड कनेक्टेड RTS परियोजनाओं के कार्यान्वयन में चुनौतियों के बारे मे बताया और प्रतिभागियों के बीच सफलतापूर्वक चर्चा करने का मंच प्रदान किया।
इस अवसर पर सम्मिलित सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।