नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम) जयपुर की 44वीं अर्धवार्षिक बैठक का आयोजन दिनांक 30.08.2022 को राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड इन्स्ट्रूमेंट्स लिमिटेड (रील), जयपुर के संयोजन में सभागार, रील हाउस, शिप्रा पथ, मानसरोवर में किया गया। इस बैठक में 24 सदस्य उपक्रमों द्वारा भाग लिया गया।
इस अवसर पर श्री राकेश चौपड़ा, अध्यक्ष, नराकास (उ) जयपुर एवं प्रबन्ध निदेशक रील, जयपुर ने हिन्दी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुये अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे प्रयासो की सराहना की। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से अब कम्प्यूटर पर हिन्दी में कार्य करना सुगम हो गया है। इस अवसर पर उन्होने नराकास (उ) जयपुर के सभी सदस्य उपक्रमों के प्रमुखो से आव्हान किया कि वे अपने दैनिक कार्यालय कार्यो में हिन्दी का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को प्रेरित करें जिससे हिन्दी का उत्तरोत्तर विकास हो सकें।
राजभाषा के महत्व पर जोर देते हुये अध्यक्ष, नराकास (उ) जयपुर ने बताया कि देश में एकता बनाए रखने के लिए राष्ट्र भाषा बेहद जरुरी है। राष्ट्र भाषा का उपयोग हम देश के किसी भी कोने में दूसरे लोगों से अपना तालमेल बढ़ाने के लिए कर सकते है। राष्ट्र भाषा हमे मानसिक सन्तोष की अनुभूति करवाती है। हिंदी भाषा हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है।
बैठक में श्री नरेंद्र सिंह मेहरा जी, सहायक निदेशक कार्यान्वयन, राजभाषा विभाग, भारत सरकार भी उपस्थित थे। नराकास (उ) जयपुर द्वारा राजभाषा हिन्दी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुये सभी सदस्यों को राजभाषा के प्रगामी प्रयोग संबन्धित तिमाही प्रगति रिपोर्ट को ऑनलाइन प्रेषित करना सुनिश्चित करें। उन्होने राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) की अनुपालना करने और फाइलों पर टिप्पणी हिन्दी में करने पर ज़ोर दिया।
